सोमवार, 13 दिसंबर 2010

BHASHA KI PARIBHASHA

भाषा की परिभाषा : भाषा वह माध्यम है जिसके द्वारा लोग अपने भावों,
विचारों को दूसरों तक पहुँचाते हैं और दूसरों की बात समझते हैं .              भाषा के रूप                                                                                                मौखिक भाषा :- जब हम केवल बोलकर अपनी बात दूसरों  तक पहुँचाते हैं जैसे :-- भाषण देना ,गीत गाना ,समाचार सुनाना आदि . इसका आधार ध्वनि या आवाज़ है .
लिखित भाषा :-जब हम लिखकर अपनी बात लोगों तक पहुँचाते हैं .इसका आधार लिपि है . उदाहरण :-- पुस्तकें ,समाचार पत्र आदि .


लिपि :-- किसी भाषा को लिखने ढंग ही लिपि है .हर भाषा की अपनी एक लिपि होती है .एक लिपि में एक से अधिक भाषाएँ भी लिखी जाती हैं.    जैसे :- हिंदी की लिपि देवनागरी है इसके अलावा संस्कृत और मराठी भाषा की लिपि भी देवनागरी ही है .
व्याकरण :-- किसी भाषा के उचित  और शुद्ध प्रयोग को  सिखाने वाले नियमों का समूह ही व्याकरण है .हर भाषा का अपना एक व्याकरण होता है.
व्याकरण  भाषा को बिगड़ने से बचाता है .
वर्ण :-- भाषा की सबसे छोटी इकाई को ही वर्ण कहते हैं .वर्णों को मिलाकर
ही शब्द बनते हैं .इन शब्दों को ही वाक्य में पिरोकर हम अपने भाव या विचार व्यक्त करते हैं . वर्ण का शाब्दिक अर्थ है --रंग . हम अपनी बात को लिखने के लिए  किसी न किसी रंग की स्याही का  प्रयोग ज़रूर  करते हैं .
इस प्रकार लिखे हुई बात का कोई न कोई वर्ण या रंग ज़रूर होता है .इसलिए लिखित अक्षर का वर्ण नाम पड़ा .
अक्षर :-- अब आप लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि वर्ण और अक्षर  में क्या अंतर है  ? 'अक्षर'  शब्द का शाब्दिक अर्थ   है --जो नष्ट न हो .इस कारण 
ब्रह्म या ईश्वर को भी अक्षर की संज्ञा दी गई है . भाषा के अर्थ में  इसे यूँ 
समझें - जब हम  किसी बात को लिख देते हैं तब वह भी अमिट हो जाती है. 
प्राचीन शिलालेख ,पुस्तकें ,ताम्रपत्र आदि अक्षरों में लिखे होने के कारण ही 
नष्ट नहीं हुए और इनके माध्यम से हमें इतिहास का पता चल पाया है . इस प्रकार जो वर्णों में लिख दिया गया वह अमिट या अक्षर हो गया .इस कारण वर्णों  को अक्षर भी कहा जाता है.

                                             भाषा के भेद 
1) मातृभाषा       2) राजभाषा       3)    राष्ट्रभाषा         4)  मानक भाषा   

मातृभाषा :  वह भाषा जिसे बच्चा सबसे पहले अपने परिवार से सीखता है .
                  माँ ही सबसे पहले बच्चे को बोलना सिखाती है ,इस कारण माँ 
                  के द्वारा सबसे पहले सिखाई जाने वाली भाषा ही मातृभाषा  है .
                  इस भाषा को बच्चा अपने आप सीखता जाता है .
                  हर व्यक्ति  की कोई न कोई मातृभाषा होती है .
राजभाषा :  किसी देश में सरकारी कामकाज में इस्तेमाल की जाने वाली 
                  भाषा को राजभाषा कहते हैं.हिंदी भारत की राजभाषा है और 
                  अंग्रेजी भारत की सह राजभाषा है .  

राष्ट्रभाषा :  किसी देश में अधिकांश लोगों द्वारा बोली और समझी जाने 
                 वाली भाषा को राष्ट्रभाषा कहते हैं .किसी भी देश में अनेक धर्म ,
                  भाषा ,संस्कृति को मानने वाले लोग हो सकते हैं .सबको 
                  आपस में जोड़ने का काम राष्ट्रभाषा ही करती है .हिंदी भारत की 
                  राष्ट्रभाषा है.पूरे भारत में आपको हिंदी बोलने समझने वाले 
                  लोग मिल जाएँगे .
                                 





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